खेतों में खाया अनाज, बाल बाल बचा युवक, ग्रामीणों ने की वन कर्मियों से बहस
अनूपपुर। हाथियों को समूह तीन दिनों के मध्य औढरा से गोबरी से जैतहरी नगर हो कर बुधवार की सुबह कुशुमहाई के जंगल में पहुंचकर ठहरे हुए हैं हाथियों के द्वारा तीन दिनों के मध्य 6 ग्रामीणों के मकानो में तोड़फोड़ कर एवं कई किसानो के खेतों में लगी विभिन्न तरह की फसलों को अपना आहार बनाया है विगत रात जैतहरी के लहरपुर,मुर्रा गांव में एक युवक हाथियों के नजदीक जाने से हाथियों के चिघाडने,दौड़ाने पर बाल बाल बचा वही हाथियों के समूह से कई वर्षों से परेशान ग्रामीणों ने वनविभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों के साथ कई घंटे तक हाथियों की समस्या को लेकर बहस करते रहे हैं। चार हाथियों का समूह जो लगभग 40 दिनों से एक बार फिर छत्तीसगढ़ राज्य से आकर अनूपपुर जिले के साथ डिंडौंरी, उमरिया एवं शहडोल जिले में विचरण करने बाद अनूपपुर जिले के बड़हर,किरर से सोमवार की सुबह औढेरा गांव से लगे जंगल में ठहरने बाद शाम/रात होते ही औढेरा से अकुआ से खोलईया, केकरपानी में सुदामा पटेल के खेत में फसल नुकसान कर दुधमनिया, बांका से ठेंगरहा, गोबरी में रात के समय लालजी सिंह, गुड्डा सिंह, गुड्डी बाई के कच्चे मकानो में तोड़फोड़ कर रामप्रसाद एवं यशवंत सिंह के खेतों में फसल,सब्जी खाते मंगलवार की सुबह ग्राम पंचायत एवं ग्राम तथा वन बीट गोबरी के जंगल में ठहरने बाद शाम होते ही जैतहरी-राजेंद्रग्राम मुख्य मार्ग को गोबरी गांव के डियो राड के पास से पार कर गोबरार नाला से तिपान नदी के पुल के पास नत्थू भरिया के खेत में लगे फसल को खाते,नुकसान करते देर रात तिपान नदी पार कर नगर परिषद जैतहरी के वार्ड क्रमांक 4 एवं 15 बंजारीटोला पहुंचकर बंजारीटोला निवासी पाठक के खेत में लगी फसल को नुकसान करते रेलवे लाईन पार कर जैतहरी बस स्टैंड से लहरपुर पंचायत के लहरपुर,मुर्रा के गोडा़न टोला निवासी जवाहर पनिका,कन्धू पनिका एवं गोपीचंद पनिका के कच्चे मकान में तोड़फोड़ कर मकान के अंदर रखे विभिन्न तरह के खाने की सामग्री को अपना आहार बनाया इस बीच एक युवक के द्वारा हाथियों को भगाए जाने के लिए लाठी लेकर हाथियों के नजदीक जाने पर हाथियों के द्वारा चिघाड़ने एवं दौड़ाने से भाग कर बाल बाल बचा इस युवक को वनविभाग एवं पुलिस विभाग की गस्ती दल के साथ जागरूक ग्रामीणों द्वारा भी हाथियों से दूर रहने की बात कहीं रही लेकिन युवक मना करने पर भी नहीं मान रहा था।
कई वर्षों से निरंतर हाथियों के आने-जाने विभिन्न तरह के नुकसान करने से परेशान सैकड़ो ग्रामीणों ने कई घंटे तक वनविभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों से बहस करते हुए हाथियों के आवागमन को रोकने के लिए शासन स्तर,जिला स्तर से कोई ठोस उपाय किए जाने की बात कही इस दौरान हाथियों का समूह पचौहा गांव में रामप्रमोद शर्मा,संतोष राठौर के खेतों में लगी फसलों को खाते,रौदते हुए ग्राम पंचायत धनगवां के दर्रीटोला से ग्राम पंचायत पड़रिया के चोई गांव के भलुवान टोला से बुधवार की सुबह होने पर धनगवां बीट के कुसुमहाई एवं चोई गांव से लगे जंगल में पहुंचकर ठहरे हुए है हाथियों यह समूह छत्तीसगढ़ राज्य की ओर वापस जाने के इरादे में है बुधवार की देर रात हाथियों का समूह आगे बढ़कर छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा में प्रवेश कर जाने की संभावना बन रही है ग्रामीणों द्वारा इसके पूर्व आए हाथियों के समूह द्वारा ग्रामीणों के मकान एवं फसलों के किए गए नुकसान का अब तक मुआवजा नहीं मिल पाने से नाराजगी दिखाई दे रही हैं।
रिपोर्ट शशिधर अग्रवाल अनूपपुर













