April 17, 2026 8:36 pm

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नशा मुक्ति अभियान को पलिता लगाते शराब माफिया

नशा मुक्ति अभियान को पलिता लगाते शराब माफिया

अनूपपुर। पूरे मध्य प्रदेश में 15 जुलाई से 30 जुलाई तक नशा मुक्ति अभियान चल रहा है जिस नशा मुक्ति अभियान में प्रमुख रूप अवैध शराब का परिवहन और अवैध रूप से विक्रय दोनों में प्रतिबंध लगाना और समाज में जागरूकता फैलाना एक महत्वपूर्ण विषय रहा है, लेकिन कोतमा क्षेत्र में यह देखा गया कि कई वर्षों से शराब की पैकारी करने वाले युवक अपनी मोटरसाइकिल में शराब रख आसपास के गांव देहात जैसे निगवानी, केवई बेरियल एवं गोविंदा की ओर शराब पहुंचाते दिखे, मोटर साइकिल में सवार युवको द्वारा बीच में सफेद कलर की बोरी और उसके अंदर कई लीटर शराब का प्रतिदिन बाजार की गलियों से दिन के उजाले में गुजरना और पकड़ा न जाना कहीं ना कहीं शराब माफिया की बड़ी पहुंच को दर्शाता है।

स्थानीय युवकों से पैकारी कराता शराब ठेकेदार

मध्य प्रदेश क मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के द्वारा इस बात की घोषणा की गई थी कि 15 जुलाई से 30 जुलाई तक पूरे मध्य प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान के तहत अवैध रूप से शराब की धर-पकड़ जारी रहेगी एवं लोगों में नशे से दूर रहने हेतु जागरूकता अभियान चलाया जावेगा तब नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियान चलाया गया कुछ छोटी-मोटी कार्रवाई भी हुई लेकिन शराब माफिया जो प्रतिदिन मोटरसाइकिल में रखकर आसपास ग्रामीण क्षेत्र में शराब पहुंचाने जाते हैं उन पर आज दिनांक तक नकेल नहीं लग पाई है, आम जनता में चर्चा है कि शराब की पैकारी शराब ठेकेदार के द्वारा ही कराई जाती है अब तो यह तब साफ होगा जब पुलिस प्रशासन के द्वारा ऐसी शराब की पैकारी करने वाले को रंगे हाथ पकड़ा जाएगा और उनसे पूछा जाएगा यह शराब किसकी है। शराब की पैकारी करने वालों के ऊपर पहले भी मामला दर्ज हो चुका है लेकिन एक बार फिर बेखौफ होकर शराब की पैकारी का कार्य बदस्तूर जारी है। अब तो आलम ऐसा हो गया है कि जिले के लगभग हर गांव में एक या दो शराब के अवैध ठीहे देखने को मिल ही जायेंगे। शहर तो शहर अब गांव के भोले भाले ग्रामवासी भी नशे में डूबते नजर आ रहे हैं क्योंकि लगभग हर गांव में लोगों को शराब उपलब्ध हो जा रही है। लगभग हर गांव में खुले ठीहे लाईसेंसी नहीं है यहां अवैध शराब बेची जा रही है जिसकी भनक आबकारी विभाग से लेकर पुलिस प्रशासन तक को है लेकिन कार्यवाही के नाम से सब शून्य ही नजर आता है। बेखौफ होकर पूरे जिले में शराब की पैकारी कराने वाले ठेकेदार को जिला प्रशासन से मानो डर ही नहीं है। जगह जगह विक रही अवैध शराब से जहां शराब ठेकेदार मालामाल हो रहा हैं तो वहीं दूसरी ओर जिस परिवार के सदस्य का इसकी लत लगी वह परिवार बर्बाद हो रहा है।

शराब की मांग पर त्वरित उपलब्धता

लाईसेंसी दुकानों में हमेशा शराब उपलब्ध होना जायज है लेकिन अब लगभग हर गांव में खुले शराब के अवैध ठीहो में भी शराब की उपलब्धता 24 घंटे रहती है। सूत्र बताते हैं कि इसका कारण ठेकेदार के द्वारा गांव-गाँव शराब आसानी से उपलब्ध कराना है, जिस गांव में जिस शराब की बिक्री अधिक रहती है उन्हे चिन्हित कर दुकानदार, ठेकेदार के मैनेजर से संपर्क साधे रहता है, शराब की बोतले खत्म होने से पहले ही ठेकेदार के मैनेजर शराब आसानी से उपलब्ध कराते करते हुये उस जगह पर शराब की कमी नहीं होने देते हैं।

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