कोतमा। विकास और रोजगार का सपना दिखाकर कंपनियां गांव-गांव में कदम रखती हैं, लेकिन जब बुनियादी सुविधाओं की बात आती है तो वही कंपनियां जिम्मेदारी से मुंह फेर लेती हैं। कुछ ऐसा ही मामला ग्राम पंचायत रेउला का है, जहां रिलायंस कंपनी की मनमानी से ग्रामीण जन त्रस्त हो चुके हैं। गांव के लोगों का कहना है कि कंपनी के भारी-भरकम वाहन दिन-रात सड़क से गुजरते हैं, जिससे मुख्य मार्ग पूरी तरह उखड़ गया है। धूल-मिट्टी उड़ने से लोगों का जीना दूभर हो गया है। किसान और स्कूली बच्चे तक इस खस्ताहाल सड़क की वजह से रोज़ाना मुसीबत झेलते हैं। ग्रामीणों ने कई बार कंपनी और प्रशासन से सड़क मरम्मत की मांग की, लेकिन न कंपनी ने ध्यान दिया और न ही प्रशासन ने।
ग्रामीणों का आरोप
रिलायंस कंपनी ने जब रेउला में गैस खोज कार्य शुरू किया था, तब साफ कहा गया था कि कंपनी सड़क की मरम्मत करवाएगी और गांव में एक पंडाल भी बनवाया जाएगा। लेकिन आज तक किसी वादे को पूरा नहीं किया गया। हालात यह हैं कि गांव की सड़कें खंडहर बन चुकी हैं और कंपनी तमाशबीन बनी हुई है। आक्रोशित ग्रामीणों ने अब मोर्चा खोल दिया है। उनका कहना है कि जब तक कंपनी अपने वादे पूरे नहीं करती, तब तक विरोध जारी रहेगा। प्रशासन पर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। ग्रामीणों के बढ़ते गुस्से को देखते हुए रिलायंस कंपनी के प्रबंधन ने सोमवार की सुबह बैठक बुलाने की घोषणा की है। इसमें ग्रामीणों से बातचीत कर समाधान का आश्वासन दिया गया है। लेकिन लोग अब कंपनी की मीठी बातों पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि “रिलायंस केवल मुनाफे का काम कर रही है, गांव की समस्याओं से उन्हें कोई लेना-देना नहीं। अगर जल्द सड़क की मरम्मत और वादों पर अमल नहीं हुआ, तो हम आंदोलन को और तेज करेंगे।” इससे स्पष्ट है कि अब ग्रामीण कंपनी की मनमानी सहने को तैयार नहीं हैं। वहीं दूसरी ओर सवाल प्रशासन पर भी उठते हैं कि कब तक उक्त मामले में तमाशबीन बने रहेंगे।














