बम्हनी। प्रदेश के लगभग हर नदी, नालों में पुल पुलिया बन गए हैं। लेकिन दुर्भाग्य से अनूपपुर जिले के ग्राम बम्हनी और धनगवां की सीमा रेखा व जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले मार्ग फुनगा सेमरिया मार्ग पर प्रवाहित “छटन नदी” आज भी एक अदद पुल को मोहताज है। लगभग 35 वर्ष पूर्व एक रपटा का निर्माण कराया गया था,जिसकी उंचाई 5-6 फिट के आसपास है,कम उंचाई होने के कारण वर्षा ऋतु में जिस दिन अधिक बारिश होती है,उस दिन रपटा पर आवागमन अवरुद्ध हो जाता है,जिससे सर्वाधिक नुकसान जिला मुख्यालय अनूपपुर आने वालों को उठाना पड़ता है,इसके अलावा जो शिक्षक बम्हनी स्कूल पढा़ने जाते हैं,वे रपटा पर पानी चलने के कारण पढा़ने नहीं जा पाते हैं,जिससे छात्रों को शैक्षिक क्षति उठानी पड़ती है,दुख की बात यह है कि इन स्थितियों से भलीभाँति अवगत होने के बाद भी न जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और न ही प्रशासनिक अधिकारी छटन नदी पर एक अदद पुल बनवाने की पहल करते दिख रहे हैं। स्थानीय जनों द्वारा निरंतर पुल की मांग की जा रही है, लेकिन इसे अनसुना किया जा रहा है। प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को क्षेत्रीय जनों के सड़कों पर उतरने का इंतजार है? हालांकि आज यह एक प्रवृत्ति-सी बन गई है कि जब तक जनता अपनी समस्या को लेकर सड़क पर नहीं उतरती है,तब तक उसकी ओर ध्यान ही नहीं दिया जाता है। बहरहाल, प्रशासन द्वारा दिखाई जा रही उदासीनता से क्षेत्र के लोगों में व्यापक असंतोष की स्थिति है,जो कभी भी आंदोलन का रूप धारण कर सकता है,बेहतर तो यह होगा कि समय रहते जरूरी पहल करते हुए छटन नदी पर एक पुल की स्वीकृति प्रदान कर क्षेत्रीय जनों की एक बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा किया जाये।
कलम से- हनुमान शरण तिवारी एडवोकेट निवासी बम्हनी जिला अनूपपुर मध्यप्रदेश













