धर्म, आस्था और जनसेवा का संगम, बूढ़ी माई मंदिर से अमरकंटक के लिए कांवड़ यात्रा रवाना
अनूपपुर। धर्म, आस्था और जनसेवा की मिसाल बन चुकी कांवड़ यात्रा एक बार फिर बूढ़ी माई मंदिर, पुरानी बस्ती अनूपपुर से अमरकंटक के लिए रवाना हुई। यह पावन यात्रा बूढ़ी माई मढ़िया समिति के तत्वावधान में विगत कई वर्षों से निरंतर आयोजित की जा रही है। श्रद्धालुओं की टोली हर वर्ष सावन मास में लगभग 65 से 70 किलोमीटर की यह कठिन पदयात्रा कर अमरकंटक पहुंचती है, जहाँ माँ नर्मदा से जल लेकर जलेश्वर धाम में भगवान शंकर को अर्पित किया जाता है। इस धार्मिक यात्रा में नगर एवं आसपास के अनेक श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा और भक्ति भाव से सम्मिलित हुए हैं। और इस वर्ष ज्यादा संख्या में श्रद्धालू शामिल होकर कावड़ियों का उत्साहवर्धन किया है। यात्रा के दौरान ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण गुंजित हो गया। यह यात्रा न सिर्फ धार्मिक उत्सव है, बल्कि सामाजिक एकता, सेवा भाव और पर्यावरण चेतना का भी संदेश देती है।













