अनूपपुर। द्वितीय अपर न्यायाधीश नरेन्द्र पटेल, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी चैनवती ताराम, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बॉबी सोनकर एवं डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता आयुष सोनी के द्वारा जिला जेल अनूपपुर का औचक निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण प्रधान न्यायाधीश माया विश्वलाल के मार्गदर्शन में किया गया। जेल भ्रमण जेल अधीक्षक इन्द्रमणि तिवारी ने निरीक्षण दल को करवाया।
पाकशाला और बैरक की जांच में मिली खामियां
निरीक्षण में सर्वप्रथम अपर न्यायाधीश नरेन्द्र पटेल ने पाकशाला का जायजा लिया। पाकशाला में पक रहे भोजन की गुणवत्ता एवं स्वाद की जाँच की गई, जिसमें जेल मैनुअल के हिसाब से खाना नहीं मिला। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने नवीन बैरक का निरीक्षण करने को कहा। बैरक क्रमांक 03 एवं 04 के बीच पानी से भरी गंदगी पाई गई, जहाँ मच्छरों के कारण बंदियों के स्वास्थ्य खराब होने की आशंका व्यक्त की गई। इसी क्रम में नवीन बैरक में पानी की समुचित व्यवस्था न होने पर सुधार के निर्देश जारी किए गए।
बंदियों को दी गई विधिक सहायता की जानकारी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन भी किया गया। इसमें न्यायिक मजिस्ट्रेट बॉबी सोनकर ने पैनल अधिवक्ता और डिफेंस काउंसिल अधिवक्ता के बारे में बंदियों को बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी बंदी को निःशुल्क विधिक सहायता से अधिवक्ता मिल सकता है। साथ ही प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।
मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी चैनवती ताराम ने आगामी लोक अदालत में होने वाले ऐसे मामलों की जानकारी दी, जिनमें आपसी समझौते के आधार पर राजीनामा हो सकता है।
समस्याओं को सुन दिए निर्देश
अंत में द्वितीय अपर न्यायाधीश नरेन्द्र पटेल ने सभी बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और तुरन्त जेल अधीक्षक इन्द्रमणि तिवारी को उनके समाधान हेतु निर्देशित किया। उन्होंने डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता आयुष सोनी को यह जिम्मा भी सौंपा कि प्रत्येक बैरक एवं प्रत्येक बंदी के पास अधिवक्ता है या नहीं, इसकी जानकारी एकत्रित की जाए। जेल अधीक्षक इन्द्रमणि तिवारी ने औचक निरीक्षण पर अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि आगामी समय में सभी समस्याओं और कमियों को दूर किया जाएगा।













