अमरकंटक। मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित अमरकंटक माँ नर्मदा नदी का उद्गम होने के साथ ही एक आध्यात्मिक केंद्र भी है, जिसकी वजह से रोजाना देशी विदेशी पर्यटकों का अमरकंटक आना जाना बना रहता है, साथ ही अमरकंटक के नाम से पोढ़की (लालपुर) में एक जनजातीय विश्वविद्यालय भी स्थापित है, इसके कारण देश के चारों दिशाओं से बच्चे भी पढ़ने के सिलसिले में अमरकंटक आते जाते हैं। और सभी का आवागमन एकमात्र सड़क के जरिये ही होता है, लेकिन सड़क की ही स्थिति अच्छी नहीं है, जिससे आवागमन में दिक्कत होती है, आउट एरिया की सड़क होने के कारण शासन प्रशासन की उस पर कम नजर रहती है, अनूपपुर से राजेन्द्रग्राम तक रोड की स्थिति तो अच्छी है, किन्तु उसके आगे की सड़क की स्थिति चिंताजनक है, सड़क में जगह जगह बने गड्ढे न केवल चलने में परेशानी पैदा करते हैं, बल्कि दुर्घटनाओं को भी आमंत्रण देते हैं, मध्यप्रदेश के एक महत्वपूर्ण स्थान को जोड़ने वाली सड़क की स्थिति को देखकर लोगों को दु:ख होता है, फिलहाल अमरकंटक वाला मार्ग मध्यप्रदेश का “राज्य राजमार्ग” है, इसे राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़े जाने की अत्यंत आवश्यकता है, शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह अमरकंटक अंचल से ही संबंध रखती है, जो अपने संसदीय क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार पर तो ध्यान दे रही हैं, लेकिन अमरकंटक मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कराकर उसे बेहतर बनाने में उनकी कोई रुचि नहीं दिख रही हैं, अमरकंटक मार्ग के राष्ट्रीय राजमार्ग बनने पर वहाँ तक लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिल सकेगी, जिससे पर्यटन आकर्षित होगा। उम्मीद की जानी चाहिए कि अमरकंटक तक सड़क की बेहतर अधोसंरचनात्मक सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में अवश्य ही सामयिक पहल की जायेगी।













