पसान। हाल के दिनों में जिले के स्वास्थ्य केन्द्रों में अराजक तत्वों द्वारा माहौल खराब कर कानून व्यवस्था को चुनौती देने का काम किया जा चुका है, कुछ दिन पूर्व फुनगा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में महिला चिकित्सक से बदसलूकी का मामला सही ढंग से ठंडा भी नहीं हुआ था कि पसान नगर पालिका क्षेत्र स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पसान में बिना नम्बर प्लेट फ़िल्मी स्टाईल में बुलट “राजा” अस्पताल परिसर में दाखिल होकर स्थानीय निवासी चार युवको ने जमकर हुड़दंग मचाया, जिसके बाद से पीड़ित चिकित्सक अपनी सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं।

पुलिस अधीक्षक ने दिए कार्रवाई के निर्देश
पीड़ित डाक्टर विपिन यादव द्वारा जब इस घटना की जानकारी पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान व थाना प्रभारी भालूमाडा संजय खलको को दी गयी उसके तुरंत बाद पुलिस कप्तान द्वारा आरोपियों के विरूद्ध तुरंत कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया जिसके बाद आरोपी मनु, ओम और अन्य के विरूद्ध बीएन एस की धारा 331(3), 296, 115(2), 351(3), 324(4), 132, 121(1), 3(5), 3/4 के तहत मामला पंजीबद्ध कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
थाने में बुलट “राजाओं” के खिलाफ दर्ज हुआ मामला

फरियादी डाक्टर विपिन कुमार यादव पिता बिरेश प्रसाद यादव उम्र 33 साल निवासी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पसान का हमराह डॉ. अनुराग सिंह, डॉ. मुकेश रवि थाना उपस्थित आकर जुबानी रिपोर्ट लेख कराया कि 22 अगस्त 2025 को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द पसान में ड्यूटी के दौरान कुछ मरीजों का ईलाज कर रहा था। तभी लगभग 02:45 बजे एक बुलेट मोटर साईकिल बिना नम्बर की सफेद रंग की जिसे मनु पिता रमेश निवासी पसान का चला रहा था ओम पिता चरकू व दो अन्य लड़के पीछे बैठे थे। बुलट को बगल से बना रैम्प पर चढ़ा कर अस्पताल के अंदर ड्युटी डाक्टर रूम तक लाया और मुझे मनु पिता रमेश व ओम पिता चरकू दोनो मुझे मां बहन की अश्लील गाली देते हुये बोले की अभी अस्पताल क्यो बंद कर रहे हो तब मैने कहा की अभी नहीं बन्द कर रहा हूँ अभी मरीज का ईलाज कर रहा हूं और उन्हें गाली देने से मना किया। मुझे उन लोगों के द्वारा जान से खत्म कर देने की धमकी देते हुये मेरे साथ धक्का मुक्की करने लगे व मेरे गले में टंगे आला को खींचकर बाहर फेक दिया, तब मैं पुलिस को फोन लगाने लगा तब तक चारो लोग मुझे जान से मारने की धमकी देते हुये ड्रेसिंग कक्ष का दरवाजा तोड़ते हुये बुलेट से भाग गए।
उक्त स्वास्थ्य केंद्र में पुलिस की हो उपस्थिति
घटना के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि बदमाशों को कानून का कोई भय नहीं रह गया है। यह सब इसीलिये की वर्तमान समय में पुलिस के द्वारा सख्ती बरतने पर पुलिस को आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन यह भी हकीकत है कि पुलिस की रफ एण्ड टफ ईमेज शांति के लिये बेहद आवश्यक है। जिले की पुलिस को अब सख़्ती दिखानी चाहिये ताकि खुलेआम गुण्डागर्दी करने वालों और हाईटेक अपराधियों के मन में खौफ बना रहे।
इनका कहना है
चिकित्सकों के द्वारा सुबह से लेकर शाम तक निःस्वार्थ सेवा देने के बावजूद भी ऐसी घटना हो रही है तो यह ठीक नहीं है, प्रशासन से मेरी मांग है कि ऐसी घटना को देखते हुये सुरक्षा के उपाय किये जाये।
डॉ. विधिन यादव, चिकित्सक













