अनूपपुर। जिले के अंतर्गत वन प्राणी हाथी के आतंक से नागरिकों के जान-माल की सुरक्षा एवं क्षति राशि अनुसार मुआवजा दिलाये जाने के सम्बन्ध में दिनांक 28 जुलाई 2025 को कांग्रेस जिलाध्यक्ष रमेश सिंह की अगुवाई में कलेक्टर के नाम अपर कलेक्टर दिलीप पांडे से चर्चा कर ज्ञापन सौंपा गया है। जिसमें कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने उल्लेखित किया है कि अनूपपुर जिले में पिछले तीन-चार सालों से वन्य प्राणी (हाथी) जो की छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश सीमा को लाँघकर अनूपपुर जिले में प्रवेश कर कोतमा, अनूपपुर और पुष्पराजगढ़ तहसील के विभिन्न ग्रामों में प्रवेश करके खेतों में लगे उपज को रौंदकर कर किसान भाइयों के साथ-साथ गांव में निवास करने वाले लोगो की मकान तोड़कर नुकसान करते आ रहे हैं। जिसकी समय-समय पर जानकारी वन विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन को भी होती है, साथ ही आम जनता के घरों में घुसकर उजाड़ करना और घर में जहां कहीं भी जैसे कोटला में रखे धान को बाहर निकाल कर और अन्य अनाजों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। जिसकी भरपाई शासन के बने प्रावधानों के तहत जो मुआवजे की राशि दी जाती है वह बिल्कुल ना के बराबर होती है। जिससे किसान कई तरह की परेशानियां से गुजरता है। प्रायः यह देखने में आया है की हाथियों के आतंक से आमजन को अपनी जान से भी हाथ गवांना पड़ता है जो कि शासन प्रशासन के संवेदनशीलता में कमी को दर्शाता है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने की अपील
उक्त गंभीर और संवेदनशील विषय के प्रति ध्यान आकर्षित कराते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि इस बात पर अत्यंत जोर देने की आवश्यकता है और पूर्व में भी कई घटनाओं की घटित होने के उपरांत भी कोई कारगर प्रयास देखने को नहीं मिल रहा है जो कि न्यायोचित नहीं है। जल्द से जल्द अगर इस संवेदनशील विषय पर ठोस एवं कारगर कदम वन विभाग के माध्यम से नहीं उठाए जाते हैं तो जनता सड़क पर उतरकर इस असंवेदनशील कृत्य के विरोध में आंदोलन करेगी। इसलिए यथाशीघ्र शासन प्रशासन संज्ञान में लेते हुए स्थाई निराकरण के लिए कदम उठाना सुनिश्चित करें ताकि आम जनों को एवं वन्य जीव हाथी को भी सुरक्षित रख सके और क्षति के अनुसार मुआवजा दिलाया जाये।













