अनूपपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माँ के संबंध में कांग्रेस नेता राहुल गाँधी द्वारा दिए गए कथित अपशब्द को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गाँधी का पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनका यानि विपक्ष का व्यक्तित्व इतना खराब है कि मृत माँ को लेकर अपशब्द कहे हैं। इसलिए राहुल गाँधी का पुतला दहन किया गया है। प्रधानमंत्री की माँ को लेकर अभद्र टिप्पणी करना भारतीय संस्कृति और राजनीतिक मर्यादा दोनों के खिलाफ है। यह बयान अनूपपुर महिला मोर्चा के तरफ से आया।
अनिल गुप्ता विवाद से उठे सवाल

वहीं इस प्रदर्शन के बीच हालही का विवाद भी सामने आ गया है। दरअसल बीते दिनों भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल गुप्ता ने नगर परिषद जैतहरी की पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान पार्षद तथा भाजपा महिला मोर्चा की महामंत्री नवरत्नी शुक्ला के खिलाफ विवादित टिप्पणी की थी। जिसमें अनिल गुप्ता ने “कुलक्षणी एवं पिशाच” जैसे शब्दों का प्रयोग किया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हुआ था। उस समय भाजपा संगठन एवं महिला मोर्चा की ओर से किसी बड़े विरोध या कार्रवाई की आवाज़ नहीं उठी। यही कारण है कि राहुल गाँधी के बयान पर भाजपा के तीखे विरोध को लेकर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि जब विपक्षी दल कांग्रेस का कोई नेता अपमानजनक टिप्पणी करता है तो भाजपा विरोध प्रदर्शन, चक्का जाम और पुतला दहन जैसे कार्यक्रम करती है। लेकिन जब वही स्थिति भाजपा के किसी वरिष्ठ नेता की ओर से सामने आती है तो संगठन के भीतर खामोशी छा जाती है।
महिलाओं के सम्मान का “दोहरे मापदंड”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिलाओं के सम्मान को लेकर भाजपा का रवैया दोहरे मापदंडों वाला प्रतीत होता है। महिला भाजपा की हो या कांग्रेस की, किसी माँ हो अथवा बहन अपमान तो अपमान ही है। किंतु विरोध की तीव्रता इस बात पर निर्भर करती है कि बयान किसने दिया है और उसका क्या राजनीतिक असर होगा। स्थानीय नागरिकों में जनचर्चा है कि महिलाओं के सम्मान को वोट बैंक की राजनीति से नहीं जोड़ना चाहिए। यदि भाजपा वास्तव में महिलाओं के सम्मान को सर्वोपरि मानती है, तो उसे अपने नेताओं और पदाधिकारियों को भी अनुशासन और मर्यादा का पाठ पढ़ाना चाहिए। राहुल गाँधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की माँ के प्रति कही गई अपमानजनक टिप्पणी निंदनीय है। लेकिन यदि भाजपा अपने नेताओं के विवादित बयानों पर भी उसी गंभीरता से आपत्ति जताए और कार्रवाई करे, तो समाज में महिलाओं के सम्मान की संस्कृति और मजबूत होगी। वरना ऐसे विरोध प्रदर्शन केवल राजनीतिक हथकंडा बनकर रह जाते हैं।













