उमरिया। सिविल लाइन चौकी क्षेत्रांतर्गत बरतराई गाँव में बीते दिन 30 वर्षीय महिला अनूपा तिवारी पति मनीष तिवारी के घर में सूचना मिली है कि फांसी के फंदे से लटकता शव मिला है। अनूपा तिवारी पति मनीष तिवारी (30) का शव फांसी के फंदे से नीचे उतारकर अस्पताल ले जाया गया।


मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
मायके पक्ष की तरफ से ससुरालजनों मृतका के पिता लखन द्विवेदी निवासी धनपुरी ने प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है। मृतका के पिता लखन द्विवेदी निवासी धनपुरी का कहना है कि अनूपा ने अपनी को मां फोन कर बताया था कि ससुराल में उसके साथ विवाद किया जा रहा है। मां ने समझाया भी था कि वह शांत रहे। लेकिन इसके बाद यह घटना की खबर मिल गई।
चौकी प्रभारी का कहना है
चौकी प्रभारी ने बताया कि मृतका की बरतराई निवासी मनीष से शादी करीब 12 वर्ष पूर्व हुई थी। दोनों के गृहस्थ जीवन में दो बच्चे भी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। छुटपुट कामकाज से घर चल रहा था। मायके पक्ष की तरफ से ननद पर संपत्ति को लेकर विवाद की बातें सामने आ रही हैं। मायके पक्ष की तरफ से अभी घटना की सूचना पर मर्ग कायमी की गई है। हालांकि पति मनीष तिवारी कई प्रकार के नशे करता था और परेशान करता था। मायके वाले भी कई बार आकर समझा कर गए थे। जिसके आधार पर मर्ग कायम कर लिया गया है। जाँच चल रही है और मामला क्या है यह पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही तय हो पाएगा। और दोनों पक्षो के कथन के बाद अगर कुछ निकल कर आता तो अपराध पंजीबद्ध किया जाएगा। दूसरी बात यह भी है कि मृतका का पूरा घर छाना गया कहीं सुसाइड नोट भी नहीं मिला।
चौकी प्रभारी बृजकिशोर गर्ग (सिविल लाइन थाना उमरिया)
पीएम करने वाले डॉ लव रावत का कहना
जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ लव रावत ने शव का पीएम करके परिजनों को सौंप दिया। जिसमें डॉ रावत ने कहा कि महिला अनूपा तिवारी की मृत्यु फांसी लगाने से हुई है।
हत्या या आत्महत्या कैसे होगा खुलासा
पुलिस ने इसे अंतिम रूप से आत्महत्या नहीं माना है। यह तभी तय होगा जब पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आएगी, कॉल डिटेल्स / गवाहियों की जाँच होगी, मायके पक्ष की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज होगी। पुलिस ने मर्ग कायमी (धारा 174 CrPC) कर लिया है, यानी अभी तक इसे संदिग्ध मृत्यु मानकर जाँच हो रही है। उक्त घटना से एक बात साफ हो रहा है कि कॉल घटना से ठीक पहले हुआ, इसलिए संदेह गहराता है। और यह “आत्महत्या” या “फाँसी लगाकर हत्या” दोनों संभावनाएँ पोस्टमार्टम से अकेले तय नहीं हो सकेंगी गर्दन पर रस्सी का निशान खुदकुशी और हत्या दोनों में हो सकता है, फर्क पैटर्न और अन्य चोटों से पता चल पाएगा। व संशय के प्रमुख कारण यह भी हैं कि मृतका का हालिया फोन कॉल, मायके वालों का आरोप, संपत्ति को लेकर विवाद की चर्चा और 12 साल की शादी और 2 बच्चों के बाद अचानक ऐसी घटना कहीं न कहीं संदेह पैदा करता है। इसके अतिरिक्त जब महिला फांसी के फंदे में झूल रही थी और मृत्यु हो चुकी थी तो शव को फांसी के फंदे से उतारने के पहले या बाद मायके पक्ष को क्यों नहीं रुका गया। सीधा जिला अस्पताल लेकर क्यों जाया गया।













