एलआईसी एजेंट बनने का झांसा, बैंक योजना का लालच और फिर ठगी — अब बचाव की कोशिश
कोतमा। एसईसीएल से सेवानिवृत्त बुजुर्ग राम फलई केवट (68) के साथ भाजपा नेता और फर्जी एलआईसी एजेंट पूरन लाल केवट द्वारा 15 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि पूरन ने खुद को एलआईसी एजेंट और भाजपा का पदाधिकारी बताकर पहले भरोसा जीता, फिर बीमा और बैंक में निवेश का झांसा देकर बुजुर्ग की पूरी जीवनभर की कमाई हड़प ली। लेकिन जब मामला पुलिस और मीडिया तक पहुंचा, तो आरोपी ने खुद को घिरता देख 14 लाख रुपये वापस कर दिया।
फर्जीवाड़ा उजागर होते ही लौटाया पैसा
पूरन केवट ने सबसे पहले जनवरी 2023 में राम फलई को कोतमा स्थित एलआईसी कार्यालय ले जाकर कहा कि उनकी पत्नी के नाम बीमा करवाया जाएगा। इस दौरान 5 लाख रुपए लिए गए, लेकिन कोई बीमा दस्तावेज नहीं दिया गया।इसके बाद नवंबर 2024 में आरोपी ने सेंट्रल बैंक की विशेष ब्याज योजना का लालच देकर 10 लाख रुपए और ले लिए, ये कहते हुए कि बैंक में एफडी कर दी जाएगी, जिससे अधिक ब्याज मिलेगा। लेकिन ना कोई एफडी हुई, ना कोई रसीद मिली।
“भरोसा तोड़कर लूटा गया मेरा सबकुछ”
राम फलई ने बताया कि पूरन से उनका वर्षों पुराना जान-पहचान का रिश्ता था, जिसका फायदा उठाकर उसने विश्वास में लिया और झूठे दस्तावेज, झांसे और राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर ठगी की। जब उन्होंने विरोध किया तो शुरू में धौंस दिखाई गई, लेकिन मीडिया और स्थानीय दबाव के चलते आरोपी ने धीरे-धीरे 14 लाख रुपये वापस कर दिए।पूरा मामला सामने आने के बाद न तो भाजपा की ओर से कोई बयान आया, न ही प्रशासन ने अब तक ठोस कदम उठाया है। राम फलई ने आरोपी की गिरफ्तारी और शेष राशि की वापसी की मांग की है।














