भोपाल। संगठन सृजन अभियान के माध्यम से मध्यप्रदेश में जिला / शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों के चयन हेतु अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर अ.भा. कांग्रेस कमेटी द्वारा दिनांक 16 अगस्त, 2025 को अध्यक्षों के मनोनयन की सूची जारी की गई थी जिसे लेकर कांग्रेस पार्टी में ही अंतर्कलह शुरू हो गया। और अध्यक्षो की नियुक्ति पर पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से लेकर कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया/व्हाट्सप्प पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व के विरुद्ध भड़ास निकालते हुए तरह तरह का पोस्ट और कमेंट करने लगे। यह मानते हुए कि लोकतंत्र में सब को अपनी बात रखने का हक है। लेकिन भड़ास कुछ इस कदर निकल गया कि अनुशासन समिति ने उसे आड़े हाथों लेते हुए कमेंट और पोस्ट हटाने के लिए निर्देश भी जारी कर दिया। हालांकि अनुशासन समिति ने वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को कांग्रेस पार्टी का अनुशासन याद दिलाते हुए परामर्श/चेतावनी जारी किया है।
परामर्श और चेतावनी साथ साथ
ज्ञात होकि उक्त संबंध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संज्ञान में आया है कि अनेक पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्तागण सोशल मीडिया एवं वाट्सएप-फेसबुक पर वरिष्ठ नेतृत्व के विरूद्ध वक्तव्य जारी किये जा रहे है। जो घोर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र है। सभी के विचारों का स्वागत है, लेकिन इसके लिए जिला स्तर पर जिला समन्वय समिति है। प्रदेश में अनुशासन समिति है, इसके साथ ही प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष एवं संगठन महामंत्री का पार्टी फोरम है जिनके समक्ष आप अपनी भावनाएं प्रकट कर सकते है। उक्त संबंध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशानुसार आपको निर्देशित किया जाता है कि आपके द्वारा सोशल मीडिया एवं वाट्सएप-फेसबुक पर दिए गए पार्टी / नेता विरोधी वक्तव्य को आगामी 24 घंटे के अंदर हटाना सुनिश्चित करें। यदि पोस्ट समय सीमा में नहीं हटाई गई तो आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी।














