कोतमा। पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान की सख्ती के चलते जिले में बीते कुछ माह से पशु तस्करी पर काफी हद तक अंकुश लग चुका था, लेकिन अब एक बार फिर से तस्कर नए गिरोह बनाकर सक्रिय हो गए हैं। इसी के मद्देनजर कोतमा थाना प्रभारी रत्नांबर शुक्ला के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में 18 नग मवेशियों के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात को सिमरिया चौराहा के पास की गई, जहां पुलिस ने 18 मवेशियों को क्रूरता पूर्वक ले जाते दो आरोपियों को धर दबोचा। इन मवेशियों की अनुमानित कीमत लगभग 9 लाख रुपए बताई जा रही है।
मौक़े से फरार हुए अन्य तस्कर
पुलिस की दबिश के दौरान कुछ तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश सरगर्मी से की जा रही है। स्वामीदीन अगरिया (28 वर्ष), पिता भगवानदीन, निवासी लोहसुर, मोहम्मद अजमल अली उर्फ दादू मुसलमान (42 वर्ष), निवासी मौहर टोला, केशवाही इन दोनों आरोपियों के खिलाफ पशु परीक्षण अधिनियम की धारा 6, 6(क), 6(ख)(1), 9(1), 10 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 (1) (घ) के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। ज्ञात हो कि पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान के नेतृत्व में पहले भी पशु तस्करी के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश कर अब्दुल रहमान उर्फ बल्लू सहित दो दर्जन तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इससे तस्करी का नेटवर्क काफी हद तक ध्वस्त हो गया था। अब नई गैंग द्वारा तस्करी शुरू किए जाने की सूचना पर यह ताजा कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में एएसआई गोविंद प्रजापति, दिनेश राठौर, रामपाल पटेल, भानुप्रताप, एवं अनिल मरावी सक्रिय रूप से शामिल रहे।













