April 17, 2026 6:05 pm

RNI No : MPHIN / 2017 / 76083

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छात्रावृत्ति राशि वितरण में व्यापक स्तर पर फर्जीवाड़ा का आरोप, NHRC ने जाँच के लिए लिखा राज्य अनुसूचित जनजातीय आयोग को पत्र

शहडोल। छात्रों को दी जाने वाली छात्रावृत्ति योजनाओं में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े के आरोप शहडोल के पाण्डेय शिक्षा समिति पर लग रहे हैं जिसे लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन (NHRC) ने मामले को अपनी संज्ञान में लेते हुए। मध्यप्रदेश के राज्य अनुसूचित जनजातीय आयोग को पत्र लिख कर जाँच की मांग की है। प्राप्त शिकायत पत्र के अनुसार छात्र/छात्राओं को पाण्डेय शिक्षा समिति द्वारा शहडोल जिले के जयसिंहनगर एवं टिहकी में संचालित आवासीय आदिवासी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जयसिंहनगर एवं आवासीय आदिवासी बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टिहकी में व्यापक पैमाने पर कई सालों से शिष्यवृत्ति की राशि में अफरा तफरी किया जा रहा है। जहाँ पाण्डेय शिक्षा समिति द्वारा संचालित उक्त दोनो विद्यालयों में छात्रों एवं छात्राओं को मिलने वाली शिष्यवृत्ति में व्यापक पैमाने पर अफरा तफरी विगत कई वर्षों से की जा रही है, जिसकी जानकारी NHRC को आर.टी.आई. से प्राप्त अभिलेखों छात्रावास के छात्र एवं छात्राओं के उपस्थिति पंजी दोनों छात्रावासों के कैश बुक प्राप्त कर अवलोकन से उक्त गंभीर अनियमितता प्रकाश में आया है। कैश बुक में स्पष्ट रूप से लेख है कि पूरे सत्र के अंतिम माह में कुछ बच्चों को शिष्यवृत्ति दिया जाना स्पष्ट है जो कैशबुक के आधार पर है का अवलोकन किया गया कि अधिकांश राशि एक मुस्त छात्रावासों को नगद प्रदाय करना पाण्डेय शिक्षा समिति द्वारा दर्शायी गयी है। इसी तरह छात्रावासों से राशि प्राप्त होना भी दर्शाया गया है इतनी ज्यादा राशि का नगद भुगतान किया जाना एवं प्राप्त करना संदिग्ध स्थिति पैदा करता है। इसी तरह सहायक आयुक्त जनजातीय कार्यविभाग शहडोल द्वारा प्रदाय राशि तथा पाण्डेय शिक्षा समिति द्वारा छात्र/छात्राओं को प्रदायित शिष्यवृत्ति में गंभीर अनियमितता दृष्टिगोचर होती है। कैशबुक अनुसार उक्त विभाग से प्राप्त राशि तथा शिष्यवृत्ति की राशि जो छात्रो/छात्राओं को प्रदाय की गयी है वह कैश बुक के अवलोकन से उपरोक्तानुसार दोनो विवरण पत्रक तैयार करने के बाद निम्नलिखित गंभीर अनियमितताएं प्रथम दृष्टया दिख रही है।

छात्राओं को प्राप्त राशि

सहायक आयुक्त महोदय से कमशः दिनांकों में प्राप्त राशि जिसमें छात्र संख्या भी विवरण पत्रक में दर्शित है के विरूद्ध आवासीय आदिवासी बालक छात्रावास टिहकी में कैसबुक अनुसार मात्र 52 छात्रों की शिष्यवृत्ति दिनांक 18.03.2024 को रू. 72540.00 देना लेख किया गया है। इसी तरह आवासीय आदिवासी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्राओं में 19.03.2023 को सत्र के अंतिम महीने में मात्र 448500.00 शिष्यवृत्ति के रूप में तथा दिनांक 01.03.2024 को 120 छात्राओं का मात्र 171720.00 का भुगतान सत्र के अंतिम महीने में मात्र किया गया है। शेष छात्र/छात्राओं की शिष्यवृत्ति की राशि पाण्डेय शिक्षा समिति द्वारा अपने उपयोग में ले ली गयी। जिसकी जांच आवश्यक है। आखिर शेष छात्रों/छात्राओं की शिष्यवृत्ति की राशि आखिर कहां गयी।

राशि का कैसे किया गोलमाल

पाण्डेय शिक्षा समिति द्वारा उक्त दोनो छात्रावासों को कमशः 7701122.00 एवं 12925320.00 का भुगतान करना बताया गया है, जिसमें यह उल्लेख नही है कि आखिर उक्त अग्रिम भुगतान किस माध्यम से नगद/चेक किया गया है। तथा पाण्डेय शिक्षा समिति द्वारा उक्त दोनो छात्रावासों से विभिन्न दिनांकों में कमशः रू. 6972135.00 एवं 9722333.00 राशि प्राप्त करना दर्शाया गया है, किन्तु कैशबुक में यह उल्लेख है कि किन चेक क्रमांकों के माध्यम से राशि वापस प्राप्त की गयी है। क्योंकि इतनी भारी भरकम राशि का भुगतान नगद किया जाना नियम विरूद्ध है। इसके अतिरिक्त पूरे सत्र में सहायक आयुक्त जनजातीय कार्यविभाग शहडोल से कई बार राशि उक्त छात्रावासों को प्रदाय की गयी है जिसमें शिष्यवृत्ति की 10 प्रतिशत राशि भी शामिल रही है। किन्तु सत्र के अंत में ही शिष्यवृत्त की आधी अधूरी राशि का भुगतान समिति द्वारा छात्रों/छात्राओं को क्यों की गयी यह बड़ा सवाल खड़ा होता है। साथ ही उक्त कार्यालय द्वारा प्रदाय की गयी छात्र संख्या के मान से अत्यंत कम छात्रों को ही शिष्यवृत्ति की राशि प्रदाय की गयी शेष राशि कहां गई और क्यों भुगतान नहीं की गयी। यह बड़ा गोलमाल हजम नहीं हो रहा है।

दस्तावेज से खुला खिलवाड़

उक्त दोनो छात्रावासों में छात्रो/छात्राओं की उपस्थिति पंजी के अवलोकन से यह स्पष्ट है कि छात्रावास में छात्र/छात्राएं रक्षाबंधन, दशहरा, दीपावली एवं शीतकालीन अवकाश में नहीं रही है। उस अवधि की शिष्यवृत्ति की लाखो रू. की राशि पाण्डेय शिक्षा समिति द्वारा कहां गायब कर दी गई और वह छात्रों/छात्राओं के खाते में क्यों नही डाली गई। तथा उक्त दोनो छात्रावासों के माध्यम से कई लाख रू. की शिष्यवृत्ति की राशि की अफरा तफरी मात्र एक सत्र के अभिलेखों के अवलोकन से होना पाई गई है इनके द्वारा पूर्व में भी इसी तरह से करोडो रू. की शिष्यवृत्ति की राशि की अफरा तफरी किया जाना संभव है जिसकी टीम गठित कर जांच कराकर शासकीय दस्तावेज से खिलवाड़ एवं राशि का बंदरबाँट उजागर हो सकता है।

अधिकारियों की भूमिका भी संदेहास्पद

अनियमितताओं में जयसिंहनगर में जनजातीय कार्य विभाग के पदस्थ मंडल संयोजक जो लगभग 15 वर्षों से अधिक समय से पदस्थ है तथा वर्तमान में लगभग 2 वर्षों से खण्ड शिक्षा अधिकारी जयसिंहनगर के भी प्रभार में है इनकी मिली भगत प्रथम दृष्टया प्रतीत होती है क्योंकि ये पूरी पदस्थी अवधि में एक भी बार इन विद्यालयों का निरीक्षण किया जाना उचित नहीं समझे है इनके अलावा भी जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा कभी भी उक्त विद्यालयों का निरीक्षण किया जाना उचित नहीं समझा गया है परिणाम स्वरूप मनमाने तरीके से पाण्डेय समिति एवं संबंधित विद्यालय के प्राचार्य एवं छात्रावास अधीक्षकों द्वारा क्षेत्र के गरीब आदिवासी छात्रो/छात्राओं का व्यापक पैमाने पर विगत कई वर्षों से शोषण किया जा रहा है। साथ शिकायत के बावजूद भी अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया जाना दर्शित करता है कि उक्त व्यापक भ्रष्टाचार के आरोप में कहीं कहीं न मिलीभगत है। जिसको लेकर एनएचआरसी संगठन ने आदिवासी छात्रों/छात्राओं का शिष्यवृत्ति के माध्यम से किये जा रहे कई वर्षों से शोषण के विरूद्ध टीम गठित कर जांच कराने की मांग की है। साथ ही उक्त पत्र में उल्लेखित किया है कि मामले संगठन के समक्ष की जाए ताकि होती संगठन आरटीआई में प्राप्त अभिलेखों के आधार पर उक्त समिति द्वारा किये गये गंभीर अनियमितताओं को प्रमाणित कराने में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर पाण्डेय शिक्षा समिति के द्वारा किए भ्रष्टाचार का दूध का दूध और पानी का पानी कर सके।

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